PMAY-G List 2026 : ग्रामीण आवास योजना में अपना नाम कैसे जांचें? सर्वे और घर की मंजूरी का फर्क भी समझें

PMAY-G List 2026 में अपना नाम तलाश रहे ग्रामीण परिवारों के लिए सबसे जरूरी सवाल यह है कि वे किस रिकॉर्ड को देख रहे हैं—सर्वे विवरण, लाभार्थी रिकॉर्ड या स्वीकृत आवास की स्थिति। प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण का आधिकारिक पोर्टल योजना से जुड़े लिंक और रिपोर्ट उपलब्ध कराता है। हालांकि, इस जांच में पूरे देश के लिए एक अलग, एकमुश्त “नई 2026 लिस्ट जारी” होने की सरकारी घोषणा की पुष्टि नहीं हुई।

केंद्र सरकार ने PMAY-G को वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक जारी रखते हुए दो करोड़ अतिरिक्त ग्रामीण घरों का लक्ष्य मंजूर किया है। यह योजना का लक्ष्य है, किसी व्यक्तिगत परिवार के लिए घर स्वीकृत होने का प्रमाण नहीं। अपना नाम जांचते समय रिकॉर्ड में दिखाई गई स्थिति को समझना इसलिए जरूरी है।

पंजीकरण संख्या से अपना रिकॉर्ड कैसे देखें?

  1. PMAY-G की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
  2. पोर्टल के Stakeholders भाग में “IAY/PMAYG Beneficiary” विकल्प देखें।
  3. संबंधित सरकारी पेज पर अपनी पंजीकरण संख्या दर्ज करें।
  4. रिकॉर्ड खुलने पर नाम के साथ उपलब्ध स्थिति और अन्य विवरणों का मिलान करें। यदि पेज न खुले या रिकॉर्ड न मिले, तो केवल किसी तीसरी वेबसाइट पर दिख रहे नाम के आधार पर मंजूरी तय न मानें।

सरकारी पोर्टल के कुछ उप–पेज इस जांच के दौरान सीधे नहीं खुल पाए। इसलिए स्क्रीन पर दिखने वाले विकल्प या लॉगिन का तरीका बदल गया हो तो मुख्य पोर्टल से उपलब्ध वर्तमान लिंक और निर्देश ही अपनाएं।

पंजीकरण संख्या नहीं है तो क्या करें?

पोर्टल के Awaassoft → Report विकल्प के जरिए क्षेत्रवार रिकॉर्ड खोजे जा सकते हैं। उपलब्ध गाइड के अनुसार रिपोर्ट में राज्य, जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत जैसे चयन करने होते हैं; रिपोर्ट का नाम और उपलब्ध फ़िल्टर समय के साथ बदल सकते हैं। अपना सही ग्राम पंचायत क्षेत्र और संबंधित वर्ष चुनकर रिकॉर्ड जांचें।

यदि ऑनलाइन रिकॉर्ड ढूंढना कठिन हो, तो अपनी ग्राम पंचायत या संबंधित स्थानीय ग्रामीण आवास कार्यालय से पंजीकरण संख्या और स्थिति की पुष्टि करें। किसी बिचौलिए को पैसे देकर नाम “जुड़वाने” या मंजूरी का आश्वासन लेने के बजाय आधिकारिक रिकॉर्ड पर भरोसा करें।

सर्वे में नाम और मकान की मंजूरी अलग बातें हैं

सरकारी PMAY-G पोर्टल पर Awaas+ 2024 सर्वे से जुड़ी सूचनाएं उपलब्ध हैं। इस सर्वे का उद्देश्य अतिरिक्त संभावित पात्र ग्रामीण परिवारों की पहचान करना है; पोर्टल पर सर्वे प्रविष्टियों की जांच और सत्यापन संबंधी दिशानिर्देश भी सूचीबद्ध हैं। इसलिए सर्वे में विवरण दर्ज दिखना अपने–आप में स्वीकृत आवास या किस्त जारी होने की पुष्टि नहीं है।

रिकॉर्ड देखते समय यह स्पष्ट करें कि उसमें survey, beneficiary या sanction से जुड़ी कौन–सी स्थिति दिखाई जा रही है। यदि विवरण में गलती हो या स्थिति स्पष्ट न हो, तो पंजीकरण या सर्वे संबंधी जानकारी साथ लेकर स्थानीय कार्यालय से पूछें। देशभर के लिए एक ही PDF या एक ही तारीख की “लिस्ट” का दावा करने वाली पोस्ट को साझा करने से पहले उसका सरकारी स्रोत जरूर जांचें।

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