Bihar Smart PDS : 1 अक्टूबर से क्या बदल रहा है? ‘साइलेंट’ राशन कार्ड और e-KYC का नियम समझें

Bihar Smart PDS को लेकर 1 अक्टूबर से राशन कार्ड बंद होने जैसी बातें पढ़कर घबराने की जरूरत नहीं है। उपलब्ध रिपोर्टों में बदलाव का संबंध मुख्यतः उन राशन रिकॉर्ड से बताया गया है जिनमें लंबे समय से अनाज नहीं उठाया गया, या जहां एक व्यक्ति का विवरण एक से अधिक कार्ड में होने का संदेह है। ऐसे मामलों में जांच और संभावित अस्थायी रोक की बात है—बिहार के सभी राशन कार्ड स्थायी रूप से रद्द करने की नहीं।

बिहार के सरकारी ePOS पोर्टल पर SMART-PDS का पूरा नाम Scheme for Modernization and Reforms through Technology in Public Distribution System दिया गया है। पोर्टल इसके उद्देश्यों में राशन वितरण में लीकेज कम करना, पारदर्शिता बढ़ाना और प्रवासी लाभार्थियों के लिए उपलब्धता बेहतर करना बताता है।

‘साइलेंट राशन कार्ड’ का क्या मतलब है?

प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार जिन कार्डों से लगातार छह महीने तक राशन नहीं लिया गया, उन्हें सत्यापन के लिए ‘साइलेंट’ रिकॉर्ड के रूप में चिह्नित किया जा सकता है। रिपोर्टों में ऐसे रिकॉर्ड पर पहले अस्थायी रोक, फिर लगभग तीन महीने में e-KYC और पात्रता की दोबारा जांच का उल्लेख है। अस्थायी निष्क्रियता और अंतिम रद्दीकरण अलग–अलग स्थितियां हैं।

हालांकि, इस लेख के लिए बिहार सरकार का ऐसा अलग आधिकारिक आदेश स्वतंत्र रूप से प्राप्त नहीं हुआ जिसमें बिहार में 1 अक्टूबर को ठीक कितने कार्ड प्रभावित हुए हों या प्रत्येक जिले की कार्रवाई बताई गई हो। इसलिए देशव्यापी अनुमान को बिहार के प्रभावित कार्डों की संख्या न समझें। किसी परिवार की वास्तविक स्थिति उसके रिकॉर्ड और स्थानीय आपूर्ति कार्यालय से ही स्पष्ट होगी।

बिहार में कार्ड या आवेदन कैसे जांचें?

  1. बिहार सरकार का ePDS पोर्टल खोलें। यह खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की आधिकारिक राशन कार्ड प्रबंधन वेबसाइट है।
  2. यदि आपने ऑनलाइन आवेदन किया है, तो जन वितरण अन्न ऑनलाइन राशन कार्ड पोर्टल पर वर्तमान लॉगिन और आवेदन संबंधी निर्देश देखें।
  3. अपने कार्ड में नाम या अन्य जानकारी गलत दिखे तो पोर्टल की उपलब्ध संशोधन प्रक्रिया जांचें, या संबंधित प्रखंड/अनुमंडल आपूर्ति कार्यालय से संपर्क करें।
  4. यदि राशन नहीं मिल रहा या कार्ड निष्क्रिय बताया जा रहा है, तो पहले कार्ड की वास्तविक स्थिति और कारण की पुष्टि करें; केवल सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर नया आवेदन शुरू न करें।

बिहार ePDS के अनुसार राज्य का राशन कार्ड प्रबंधन सिस्टम—RCMS या जन वितरण अन्न—नया कार्ड बनाने, मौजूदा कार्ड में संशोधन, कार्ड सरेंडर करने और परिवार या मुखिया से संबंधित बदलाव की व्यवस्था प्रदान करता है। वहीं RCONLINE पोर्टल मौजूदा लॉगिन उपयोगकर्ताओं के लिए अलग migration निर्देश भी दिखाता है। इसलिए पुराने स्क्रीनशॉट देखकर आवेदन भरने के बजाय पोर्टल पर उस समय दिए निर्देश पढ़ें।

e-KYC के लिए क्या करें?

यदि आपके कार्ड या किसी परिवार सदस्य के रिकॉर्ड में सत्यापन लंबित दिखे, या आपूर्ति कार्यालय से सूचना मिले, तो अपने अधिकृत राशन डीलर या संबंधित विभागीय कार्यालय से प्रक्रिया पूछें। जहां बायोमेट्रिक या अन्य पहचान–जांच की जरूरत हो, वहीं अधिकृत माध्यम अपनाएं। SMART-PDS के सरकारी पोर्टल पर biometric authentication, facial authentication और डिजिटल लेनदेन रिकॉर्डिंग को इसकी सुविधाओं में गिनाया गया है; इसका अर्थ यह नहीं कि हर व्यक्ति को आज ही एक जैसी नई प्रक्रिया पूरी करनी है।

कोई संदेश “तुरंत OTP बताएं, नहीं तो कार्ड बंद” कहे तो उसे आधिकारिक सूचना न मानें। आधार संख्या और OTP केवल सही सरकारी साइट या अधिकृत सत्यापन प्रक्रिया में ही दें। राशन वितरण संबंधी शिकायत या स्थानीय स्थिति समझने के लिए अपने जिले के आपूर्ति कार्यालय से संपर्क करें; NFSA के बिहार पेज पर राज्य का हेल्पडेस्क नंबर भी सूचीबद्ध है।

Leave a Comment